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हरियाणा सरकार का बड़ा निर्णय: प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे 150  राजकीय विद्यालयों के नए भवन-मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई स्कूल शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक

 

 

719 उत्कृष्ट विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

 

स्मार्ट कक्षाएंएआई-आधारित शिक्षा और अत्याधुनिक लैब्स से लैस होंगे प्रदेश के सरकारी स्कूल- नायब सिंह सैनी

 

लोक नायक संवाद/ब्यूरो चीफ श्रुति कोछड़ 

चंडीगढ़-हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश सरकार राजकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर सुधारने और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में राज्य में 150  राजकीय विद्यालयों के नए भवन विकसित किए जाएंगेजो पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होंगे। इन विद्यालयों के डिजाइन एवं निर्माण के लिए देश के अग्रणी राज्यों एवं प्रतिष्ठित संस्थानों के श्रेष्ठ मॉडल और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन का सहयोग लिया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री शुक्रवार देर शाम चंडीगढ़ स्थित अपने सरकारी निवास 'संत कबीर कुटीरमें स्कूल शिक्षा विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

 

*719 उत्कृष्ट विद्यालयों के समग्र विकास पर मंथन*

 

बैठक के दौरान राज्य में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से प्रदेश के 719 उत्कृष्ट विद्यालयोंजिनमें संस्कृति मॉडल स्कूलमुख्यमंत्री अर्ली इंग्लिश एंड एक्सीलेंस स्कूल तथा पीएम श्री विद्यालय शामिल हैंके समग्र विकास और सुदृढ़ीकरण पर विस्तार से चर्चा हुई।

 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत ढांचा और सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए भवनों का निर्माणअतिरिक्त कक्षाएंपृथक शौचालयमजबूत चारदीवारीखेल के मैदानविज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएंडिजिटल लैबस्मार्ट कक्षाएंपुस्तकालयनया फर्नीचरटैबलेट तथा अन्य आधुनिक शिक्षण संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। मुख्यमंत्री ने वित्त विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और सभी निर्माण कार्य शीघ्र पूरे किए जाएं।

 

*आधुनिक तकनीक और एआई आधारित होगी शिक्षा*

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय विद्यालयों का कायाकल्प करते हुए उनमें उच्च गुणवत्ता का फर्नीचरडिजिटल एवं स्मार्ट क्लासरूमआर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित शिक्षण सुविधाएंव्यावसायिक शिक्षाअत्याधुनिक विज्ञान-कंप्यूटर प्रयोगशालाएं और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएंगी।

 

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को बेहतरीन शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना हैताकि ये विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र बनें। ये 150 नए और 719 उत्कृष्ट विद्यालय राज्य के अन्य सभी स्कूलों के लिए प्रेरणास्रोत और रोल मॉडल के रूप में स्थापित होंगे। उन्होंने अधिकारियों को इस महत्वाकांक्षी योजना को समयबद्ध तरीके से क्रियान्वित कर हरियाणा को विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने का आह्वान किया।

 

*शिक्षकों का प्रोत्साहन और स्वच्छता पर विशेष बल*

 

बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री  महीपाल ढांडा ने भी अधिकारियों को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बेहतर बनाने के लिए बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को चिन्हित कर उन्हें प्रोत्साहित और सम्मानित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने सभी सरकारी स्कूलों में स्वच्छतापेयजल व्यवस्था और सफाई के स्तर को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

 

बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहेजिन्होंने मुख्यमंत्री को जारी विकास परियोजनाओं और आगामी कार्ययोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट सौंपी।

 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव  राजेश खुल्लरहरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव  विजय सिंह दहियामुख्यमंत्री के डिप्टी प्रिंसिपल सेक्रेटरी  यशपाल यादवमाध्यमिक शिक्षा के महानिदेशक  जितेंद्र दहियानिदेशक श्रीमती मनिता मलिकशिक्षा परियोजना परिषद के निदेशक  स्वपनिल रवींद्र पाटिल व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

 

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