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प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में दो ‘विपक्ष के नेता’! विवाद बढ़ा, मेट्रो प्राधिकरण ने कहा– कार्ड रद्द

कोलकाता, 22 अगस्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता दौरे से को लेकर एक अजीबो-गरीब विवाद खड़ा हो गया है। मेट्रो प्राधिकरण की ओर से जारी आधिकारिक निमंत्रण पत्र में पश्चिम बंगाल विधानसभा में एक नहीं बल्कि दो नेताओं को ‘विपक्ष का नेता’ बताया गया। इस गलती के सामने आते ही सवाल उठने लगे और अंततः मेट्रो प्राधिकरण ने सफाई दी कि गलत प्रिंटिंग के कारण कार्ड रद्द कर दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री शुक्रवार को कोलकाता पहुंचकर तीन नए मेट्रो मार्गों का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम नव-निर्मित जैसोर रोड मेट्रो स्टेशन में आयोजित होगा। यहां से प्रधानमंत्री ‘येलो लाइन’ (नोआपाड़ा–बारासात) के नोआपाड़ा से जय हिंद एयरपोर्ट स्टेशन तक के हिस्से का शुभारंभ करेंगे। साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये वे ऑरेंज लाइन (न्यू गड़िया–एयरपोर्ट) के हेमंत मुखोपाध्याय (रूबी) से बेलघाटा स्टेशन तक तथा ग्रीन लाइन (सेक्टर V–हावड़ा मैदान) के एस्प्लेनेड से सियालदह स्टेशन खंड का उद्घाटन करेंगे।

निमंत्रण पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उद्घाटक के रूप में दर्शाया गया। इसके अलावा विशिष्ट अतिथियों की सूची में राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह, केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर और सुकांत मजूमदार का नाम शामिल था। साथ ही भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद शमिक भट्टाचार्य के नाम भी दर्ज किए गए। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि दोनों नेताओं के सामने ‘विपक्ष का नेता’ लिखा गया।

राजनीतिक गलियारों में इस गलती पर सवाल खड़े हो गए। दरअसल, विधानसभा में विपक्ष के नेता सिर्फ शुभेंदु अधिकारी हैं। शमिक भट्टाचार्य को इससे पहले प्रधानमंत्री के दुर्गापुर कार्यक्रम में ‘सांसद’ के रूप में आमंत्रित किया गया था। लेकिन इस बार उन्हें सीधे ‘विपक्ष का नेता’ बताया गया।

इस गड़बड़ी को लेकर मेट्रो प्राधिकरण ने स्वीकार किया कि गलती कार्ड छपने के बाद नजर में आई और सभी कार्ड तुरंत रद्द कर दिए गए। उनका दावा है कि कोई भी गलत कार्ड आधिकारिक रूप से वितरित नहीं किया गया। हालांकि, सवाल उठ रहे हैं कि यदि कार्ड बांटे ही नहीं गए तो वह सार्वजनिक कैसे हुए? इस पर प्राधिकरण ने सफाई दी कि कार्यक्रमों से जुड़े कार्यों में कई लोग शामिल रहते हैं, संभवतः उसी प्रक्रिया में यह कार्ड बाहर चला गया।

गौरतलब है कि गुरुवार देर रात तक भी नए निमंत्रण पत्र तैयार होने की पुष्टि नहीं हो सकी थी। लेकिन इस घटना ने मेट्रो प्राधिकरण को असहज स्थिति में जरूर डाल दिया है।

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