प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने एक नई राष्ट्रीय खेल नीति, ‘खेलो भारत’ नीति तैयार की है; ‘खेलो इंडिया’ अभियान से लेकर ‘टॉप्स’ योजना तक, आज खिलाड़ियों को अभूतपूर्व सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने एक नई राष्ट्रीय खेल नीति, ‘खेलो भारत’ नीति तैयार की है; ‘खेलो इंडिया’ अभियान से लेकर ‘टॉप्स’ योजना तक, आज खिलाड़ियों को अभूतपूर्व सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं
लोक नायक संवाद/ब्यूरो चीफ श्रुति कोछड़
जींद -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हरियाणा के जींद में लगभग 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी और इन्हें राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने आयोजन स्थल पर पहुंचकर अपार प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस क्षेत्र की समृद्ध ऐतिहासिक, पराक्रम से भरे और आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख किया, जिसे शक्ति पीठ माता जयंती का विशेष आशीर्वाद मिला हुआ है। श्री मोदी ने दशकों पहले संगठन के कार्यों से शहर की अपनी प्रारंभिक यात्राओं का स्मरण करते हुए, मुर्रा भैंस के दूध, देसी बूरा और घेवर जैसे स्थानीय व्यंजनों से जुड़े अविस्मरणीय स्नेहिल घटनाओं को याद किया। श्री मोदी ने कहा, यह साधारण भूमि नहीं, बल्कि इतिहास, वीरता, धर्म और अपार गौरव की समृद्ध भूमि है।
प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र के विकास में उल्लेखनीय बदलाव के साथ ही यहां की चिरस्थायी स्थानीय विशेषताओं का तुलनात्मक वर्णन करते हुए, इस शहर को सुशासन मॉडल का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने इस पर जोर दिया कि पिछले कुछ वर्षों में हरियाणा प्रगति के नए पथ पर दृढ़ता से अग्रसर हुआ है। श्री मोदी ने कहा कि आज के कार्यक्रम सरकार के इस मिशन को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने देश की पहली हाइड्रोजन-चालित ट्रेन के शुभारंभ की घोषणा करते हुए कहा कि इस क्षेत्र का नाम हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो हो जाएगा। मुंबई और ठाणे के बीच ऐतिहासिक पहली ट्रेन यात्रा से तुलना करते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों की उन्नत हरित परिवहन की चर्चा में भी यह कॉरिडोर अमर हो जाएगा। श्री मोदी ने कहा कि भारतीय रेल के अत्याधुनिकीकरण के महत्वपूर्ण कदम के लिए मैं आप सभी को और पूरे देश को बधाई देता हूं।
प्रधानमंत्री ने अवसंरचनात्मक विकास के व्यापक विकास का उल्लेख करते हुए, रेल, राजमार्गों और सांस्कृतिक धरोहरों से संबंधित 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की नई परियोजनाओं की चर्चा की, जो राज्य के कल्याण के लिए प्रत्यक्ष तौर पर समर्पित हैं। स्वास्थ्य सेवा के व्यापक विस्तार का उल्लेख करते हुए उन्होंने भिवानी में पंडित नेकी राम शर्मा मेडिकल कॉलेज और महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज के साथ ही नारनौल में राव तुलाराम अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया। इन संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र में पेशेवर जीवन बनाने के इच्छुक लोगों के लिए नए अवसर पैदा करना है। मोदी ने कहा कि ये नए संस्थान हरियाणा की स्वास्थ्य सेवाओं को और भी सशक्त और सुलभ बनाएंगे।
प्रधानमंत्री ने स्थानीय लोगों के समर्पित नागरिक सेवा भाव की सराहना करते हुए, उनके आगमन से पहले स्वच्छता अभियान प्रदर्शित कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने स्वच्छता अभियान में समुदाय की सक्रिय भागीदारी पर अपार संतोष व्यक्त करते हुए इस जमीनी स्तर पर निरंतर जारी रखने का आह्वान किया। श्री मोदी ने कहा कि हमें स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाना होगा
प्रधानमंत्री ने वैश्विक रेल क्षेत्र के तकनीकी विकास का उल्लेख करते हुए स्मरण दिलाया कि कैसे 19वीं शताब्दी की रेलगाड़ियां मुख्य रूप से भाप इंजनों द्वारा चालित थीं, जबकि 20वीं शताब्दी ये विद्युत शक्ति से चालित बन गईं। भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण दर्शाते हुए उन्होंने जोर देकर कहा कि 21वीं शताब्दी की रेलगाड़ियां हाइड्रोजन परिवहन द्वारा चालित होंगी, और इसी की आधिकारिक शुरुआत जींद और सोनीपत के बीच नवनिर्मित 90 किलोमीटर लंबे मार्ग से हो रही है। श्री मोदी ने कहा कि आज भारतीय रेल ने 21वीं सदी की इस तकनीक में एक बड़ी छलांग लगाई है, जिसे भविष्य में विस्तारित किये जाने की अपार संभावनाएं हैं।
प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देश की इस उपलब्धि को रखते हुए कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन तकनीक विश्व स्तर पर व्यावहारिक रूप से केवल 7-8 वर्ष पहले ही अस्तित्व में आई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभी केवल कुछ ही गिने-चुने देशों के पास ऐसी रेलगाड़ियां चलाने की क्षमता है और वे भी अभी प्रारंभिक चरण में ही हैं। श्री मोदी ने कहा कि इस नवनिर्मित भारतीय हाइड्रोजन ट्रेन की वास्तविक क्षमताओं के बारे में सुनकर आपको अत्यंत गर्व होगा।
प्रधानमंत्री ने इस नए परिवहन चमत्कार की तकनीकी विशेषताओं के बारे में बताते हुए कहा कि नई लॉन्च की गई ट्रेन विश्व स्तर पर अपनी तरह की सबसे शक्तिशाली ट्रेन है, जिसकी क्षमता 3,200 हॉर्सपावर है और जिसमें दस कोच लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसी रेलगाड़ियों में जिनमें आमतौर पर केवल तीन से चार कोच होते हैं, उनसे तुलना करते हुए, श्री मोदी ने कहा कि देश ने अपने पहले ही प्रयास में यह साहसिक परिचालन क्षमता हासिल की है। श्री मोदी ने कहा कि भारत ने दस डिब्बे वाली हाइड्रोजन ट्रेन सफलतापूर्वक चलाकर अपनी क्षमता प्रदर्शित की है।
इस हरित परिवहन उपलब्धि की स्वदेशी प्रकृति पर गर्व वयक्त करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्णतया धुआं रहित यह ट्रेन घरेलू विनिर्माण पहल की ठोस और उल्लेखनीय सफलता है। इस उन्नत प्रणाली का डिजाइन करने वाले प्रतिभाशाली घरेलू इंजीनियरों और इसके त्रुटिहीन निर्माण के लिए स्थानीय विनिर्माण कंपनियों को उन्होंने इसका श्रेय दिया। श्री मोदी ने कहा कि यह मेक इन इंडिया पहल का एक अत्यंत सफल और गौरवपूर्ण उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने इस उन्नत तकनीक की विशिष्ट परिचालन आवश्यकताओं को समझाते हुए बताया कि हाइड्रोजन ट्रेनों के लिए पूरी तरह अलग बुनियादी ढांचे और विशेष, सहायक प्रणालियों की आवश्यकता होती है। निकट भविष्य में इन विशिष्ट नेटवर्क की आवश्यकताएं पूरी करने के लिए नए कारखाने और संबंधित सुविधाएं तेजी से स्थापित किए जाने की संभावना देखते हुए उन्होंने व्यापक स्थानीय आर्थिक लाभ की भविष्यवाणी की। श्री मोदी ने कहा कि यह उन्नत ट्रेन नेटवर्क हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर उत्पन्न करने की गारंटी है।








