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श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की महिमा और गुरु कृपा से गुंजायमान हुआ गीता भवन, च…

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की महिमा और गुरु कृपा से गुंजायमान हुआ गीता भवन, चौथे दिन शालिग्राम भगवान के दिव्य अभिषेक ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर
*पंचामृत एवं पवित्र द्रव्यों से हुआ शालिग्राम भगवान का अभिषेक, श्रीकृष्ण के 101 पावन नामों का हुआ सामूहिक संकीर्तन
*श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को प्रेम, भक्ति, सेवा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है : पूज्य स्वामी विज्ञनानंद सरस्वती जी महाराज
*पंचामृत एवं पवित्र द्रव्यों से हुआ शालिग्राम भगवान का अभिषेक, श्रीकृष्ण के 101 पावन नामों का हुआ सामूहिक संकीर्तन
*श्रीमद्भागवत कथा मानव जीवन को प्रेम, भक्ति, सेवा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है : पूज्य स्वामी विज्ञनानंद सरस्वती जी महाराज
लोक नायक संवाद/सिटी रिपोर्टर
मोगा-ब्रह्मलीन सद्गुरुदेव पूज्यपाद स्वामी वेदांतानंद जी महाराज एवं ब्रह्मलीन महामंडलेश्वर स्वामी सहज प्रकाश जी महाराज की पावन तपोभूमि गीता भवन, मोगा में गीता भवन ट्रस्ट सोसाइटी द्वारा गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ कथा के चौथे दिन श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अनुपम संगम देखने को मिला। कथा पंडाल में ह्लराधे-राधेह्व और ह्लजय श्रीकृष्णह्व के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अमृतमयी कथा का रसपान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गीता भवन ट्रस्ट सोसाइटी के अध्यक्ष एडवोकेट सुनील गर्ग, एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा श्रीमद्भागवत पूजन एवं मंगलाचरण के साथ किया गया। आज के मुख्य यजमान शिवनंदन, नरेश गोयल एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रिजू गोयल रहे। यजमानों एवं गीता भवन ट्रस्ट सोसाइटी के पदाधिकारियों की उपस्थिति में शालिग्राम भगवान का वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य दिव्य अभिषेक संपन्न हुआ। अभिषेक दूध, दही, घी, शहद, शर्करा, पवित्र जल, गंगाजल तथा अन्य मंगलमय द्रव्यों से किया गया। इसके उपरांत श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भगवान श्रीकृष्ण के 101 पावन नामों का उच्चारण एवं स्तुति की। इस दिव्य अनुष्ठान ने पूरे कथा पंडाल को भक्ति और श्रद्धा से सराबोर कर दिया। कथा व्यास पूज्य स्वामी विज्ञनानंद सरस्वती जी महाराज ने अपने प्रवचनों में भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य अवतार का वर्णन करते हुए कहा कि जब-जब धर्म पर संकट आता है और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान श्रीकृष्ण मानवता की रक्षा और धर्म की स्थापना के लिए अवतरित होते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को प्रेम, करुणा, सत्य, सेवा, भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला दिव्य ज्ञान है। श्रीकृष्ण की बाल लीलाएँ, उनकी करुणा और धर्म की स्थापना का संदेश आज भी प्रत्येक परिवार और समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर गीता भवन ट्रस्ट सोसाइटी के अध्यक्ष एडवोकेट सुनील गर्ग ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि अन्याय पर न्याय, अंधकार पर प्रकाश और अधर्म पर धर्म की विजय का सनातन संदेश है। उन्होंने कहा कि गीता भवन ट्रस्ट सोसाइटी वर्षों से कथा, सत्संग, यज्ञ और सेवा कार्यों के माध्यम से उसी दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को श्रीकृष्ण के आदर्शों, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ें, क्योंकि संस्कार ही समाज की सबसे बड़ी शक्ति हैं। महासचिव अंशुल श्रीकुंज ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का सम्पूर्ण जीवन हमें प्रेम, कर्तव्य, सेवा और निष्काम कर्म का संदेश देता है। श्रीमद्भागवत कथा का उद्देश्य केवल कथा सुनना नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में उतारना है। उन्होंने बताया कि 28 जुलाई तक प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से सायं 6:30 बजे तक संगीतमय श्रीमद्भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ कथा का आयोजन होगा, जबकि 29 जुलाई को प्रात: 11 बजे व्यास पूजन, गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित उपस्थित होकर इस पुण्य अवसर का लाभ उठाने की अपील की। कथा के समापन पर श्रद्धालु श्रीकृष्ण भक्ति में लीन होकर भजनों एवं संकीर्तन पर झूमते रहे। पूरा गीता भवन परिसर भक्ति, गुरु महिमा और श्रीकृष्ण प्रेम की दिव्य अनुभूति से ओत-प्रोत दिखाई दिया।

















