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युवाओं में शोध, कौशल और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध:…

युवाओं में शोध, कौशल
और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी

 

विश्वविद्यालयों में
शोध कार्यों के लिए
20 करोड़ रुपये का बजट जारी

 

सरकार का लक्ष्य- युवा
नौकरी मांगने वाले नहीं
, रोजगार देने वाले बनें

 

सरकार स्कूलों में
शिक्षा से  जुड़ी सुविधाओं का कर रही
विस्तार

 

लोक नायक संवाद/ब्यूरो चीफ अजय शर्मा 

चंडीगढ़ – हरियाणा के मुख्यमंत्री  नायब सिंह सैनी ने कहा कि युवाओं में शोध कार्यों के
प्रति रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य के विश्वविद्यालयों के लिए
20 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को आगे
बढ़ाने और उनमें लोकतांत्रिक मूल्यों तथा नेतृत्व क्षमता का विकास करने के लिए
महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में युवा संसद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया
जाता है। इस प्रतियोगिता का अंतिम चरण लोकसभा में आयोजित होता है
, जिसमें देशभर के प्रतिभागी हिस्सा लेते हैं।

 

मुख्यमंत्री  नायब
सिंह सैनी मंगलवार को पंचकूला के पिंजौर स्थित एप्पल मार्केट में आयोजित युवा
संवाद तथा किसानों और व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह
, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक शक्ति रानी शर्मा भी उपस्थित रहे।

 

 इस दौरान महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल
की छात्रा सोनाक्षी द्वारा दिए गए सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों
में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मिशन बुनियाद कार्यक्रम शुरू किया
गया है। इसके तहत प्रदेश के
103 विद्यालयों का चयन किया गया
है। उन्होंने बताया कि इन विद्यालयों के विद्यार्थियों को कुरुक्षेत्र स्थित सुपर-
100 संस्थान में अतिरिक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और इन स्कूलों के विद्यार्थी आईआईटी-जेईई
जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर देश के अग्रणी
संस्थानों
, जैसे आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी रुड़की, में प्रवेश ले रहे हैं।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि
इस वर्ष सुपर-
100
कार्यक्रम के तहत
400 विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाएं
दीं
, जिनमें से 271 का देश के
प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में प्रवेश हुआ है। उन्होंने बताया कि इस मिशन के तहत
आयोजित तैयारी के परिणामस्वरूप
61 विद्यार्थियों ने नीट
परीक्षा भी उत्तीर्ण की है
, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात
है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं
उपलब्ध करा रही है। इसी का परिणाम है कि आज युवाओं का चयन बिना खर्ची और बिना
पर्ची के
, पूरी तरह योग्यता एवं मेरिट के आधार पर एचसीएस
जैसे प्रतिष्ठित पदों पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में किए गए सुधारों
के सार्थक और सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं।

 

प्रदेश में किसानों के
लिए बनाए जा रहे फल कलस्टर

 

महाराणा प्रताप बागवानी
विश्वविद्यालय
, करनाल
की छात्रा दीपिका ने बागवानी विश्वविद्यालयों में आधारभूत ढांचे
(इन्फ्रास्ट्रक्चर) को और सुदृढ़ करने का सुझाव दिया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि
विश्वविद्यालयों में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं
, ताकि
सभी परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें। उन्होंने बताया कि अंबाला
, झज्जर सहित अन्य स्थानों पर क्षेत्रीय केंद्र एवं उत्कृष्टता केंद्र
(सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही प्रदेश में किन्नू
, अमरूद, स्ट्रॉबेरी और लीची के क्लस्टर विकसित किए जा
रहे हैं
, ताकि किसानों की उत्पादकता बढ़े और उन्हें अपनी उपज
का बेहतर एवं लाभकारी मूल्य मिल सके। 
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
, हिसार की
छात्रा मनीषा ने सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए शहरों में जमीनी स्तर पर यूथ
फोर्स गठित करने तथा पर्यावरण संरक्षण एवं अन्य सामाजिक कार्यों में उल्लेखनीय
योगदान देने वाले युवाओं को प्रशंसा-पत्र प्रदान करने का सुझाव दिया।

 

योजनाओं की मदद से युवा
नौकरी लेने नहीं देने वाला बने

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि
युवा उद्योगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उद्योगों को
कुशल युवा उपलब्ध करवाने और यूथ फोर्स को सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य में
औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के साथ एमओयू किए गए हैं
, जिसके
तहत युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे युवाओं को रोजगार के
बेहतर अवसर मिलेंगे और उनकी प्लेसमेंट प्रक्रिया भी आसान होगी।

 

उन्होंने कहा कि इसके
अलावा उद्योगों में भी स्किल सेंटर स्थापित किए जाएंगे
, जहां
युवाओं को उनकी आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा
, ताकि
वे आसानी से रोजगार प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि
युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं
, बल्कि रोजगार देने वाले
बनें। इसके लिए मुद्रा योजना
, स्टार्टअप सहित विभिन्न
योजनाओं के माध्यम से युवाओं को उनकी क्षमता और जरूरत के अनुसार आर्थिक सहायता
उपलब्ध करवाई जा रही है।

 

केंद्रीय विश्वविद्यालय, महेंद्रगढ़
के विद्यार्थी आलोक ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए माउंटेन ट्रेनिंग की व्यवस्था
करने तथा मजदूरों के बच्चों की शिक्षा के लिए प्रत्येक जिले में मोबाइल स्कूल
संचालित करने का सुझाव दिया।  मुख्यमंत्री
ने कहा कि युवा उद्योगों सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उद्योगों को कुशल युवा उपलब्ध करवाने और यूथ फोर्स को सशक्त बनाने के उद्देश्य से
राज्य में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के साथ एमओयू किए गए हैं
,
जिसके तहत युवाओं को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इससे
युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनकी प्लेसमेंट प्रक्रिया भी आसान
होगी।

 

10 जमा दो तक बच्चों की जा रही ट्रेकिंग 

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि
सरकार मजदूरों के वंचित बच्चों के लिए जीरो ड्रॉपआउट नीति पर कार्य कर रही है। ऐसे
बच्चों की कक्षा
5वीं,
8वीं और 12वीं तक निरंतर ट्रैकिंग की जा रही
है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे किसी कारणवश विद्यालय से बाहर हो जाते हैं
, उनके लिए सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है। श्रम विभाग की ओर से ऐसे
बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। इसके अलावा
, उनके
लिए छात्रावास की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि मोबाइल स्कूल
शुरू करने के सुझाव पर भी सरकार विचार करेगी।

 

इंदिरा गांधी
विश्वविद्यालय
, रेवाड़ी
की छात्रा निधि ने विश्वविद्यालय स्तर पर सामाजिक चेतना बढ़ाने के लिए समन्वय
समिति गठित करने और कौशल विकास की कक्षाएं शुरू करने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री
ने कहा कि अच्छे संस्कारों का विकास बचपन से ही शुरू होता है। इसके लिए स्कूलों
में श्रमदान के पीरियड शुरू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं का रुझान केवल
डिग्री और किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर खेलों सहित अन्य रचनात्मक गतिविधियों की
ओर भी बढ़ना चाहिए।

 

व्यापारियों से संवाद

 

बिजली मुहैया करवाने के
लिए
132
केवी  सब-स्टेशन का निर्माण कार्य प्रगति
पर
, पेयजल हेतु होगा जल घर का निर्माण

 

व्यापारी मोनू मेहता के
सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एप्पल मंडी में पेयजल के लिए जलघर बनाने का कार्य
किया जा रहा है ताकि कालका पिंजौर के लोगों को भी स्वच्छ एवं पर्याप्त मात्रा में
पेयजल मिल सके। इसके अलावा मोरनी क्षेत्र में भी पेयजल समस्या का निदान किया
जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्बाध रूप से बिजली मुहैया करवाने के लिए
132 केवी
का सब स्टेशन बनाया जा रहा है। एक अन्य व्यापारी के मार्केट फीस घटाने के सुझाव पर
मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्ट्रा मॉर्डन एप्पल मंडी बनाने के लिए यह राशि मंडी में
सुविधाओं पर ही खर्च की जा रही है। इस सुझाव बारे अधिकारियों से बातचीत कर हल
निकाला जाएगा। एक अन्य सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी में किसानों के ठहरने
के लिए विश्राम गृह के निर्माण का कार्य प्रस्तावित है। व्यापारियों के लिए अटल
केंटीन की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके साथ ही पार्किंग तथा सुरक्षा की व्यवस्था
का भी आवश्यक प्रबंध किया जाएगा।

  

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