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मु्ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद श्रावस्ती में श्रावस्ती एवं भिनगा…

मु्ख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद श्रावस्ती में श्रावस्ती एवं भिनगा विधान सभा क्षेत्रों की 396 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 83 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
लोक नायक संवाद/संदीप वाजपेई
लखनऊ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
ने कहा कि जनपद श्रावस्ती माता जानकी के पुत्र लव के द्वारा बसायी गयी है। इस पावन धरा पर भगवान बुद्ध ने सर्वाधिक चातुर्मास व्यतीत किए। यहाँ का प्रसिद्ध जैतवन भगवान बुद्ध की स्मृतियां से जुड़ा है। यह देश व दुनिया के बौद्ध श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र है। जनपद श्रावस्ती जैन तीर्थंकरों की परम्परा में तृतीय तीर्थंकर भगवान सम्भवनाथ की पावन धरा भी है। यहीं के शासक के रूप में महाराजा सुहेलदेव ने अपने शौर्य और पराक्रम से विदेशी आक्रान्ताओं का सामना करते हुए उन्हें धूल चटायी।
मुख्यमंत्री आज जनपद श्रावस्ती में श्रावस्ती एवं भिनगा विधान सभा क्षेत्रों की 396 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 83 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इन परियोजनाओं में 176 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 42 परियोजनाओं का लोकार्पण तथा 220 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 41 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल हैं। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, आवास की चाभी, स्टडी किट तथा आयुष्मान कार्ड वितरित किए। मुख्यमंत्री जी ने इस अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन तथा गर्भवती महिलाओं की गोदभराई व बच्चों का अन्नप्राशन किया। कार्यक्रम में जनपद श्रावस्ती के विकास पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री ने सीताद्वार मन्दिर में दर्शन-पूजन भी किया।
मुख्यमंत्री ने जनपद श्रावस्ती के विकास की परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास की बधाई देते हुए कहा कि मौसम की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सभी लोग यहाँ एकत्र हुए हैं। आपका उत्साह अत्यन्त सराहनीय है। श्रावस्ती जनपद अपनी जैव विविधता के लिए विख्यात है। जनपद में प्राकृतिक सौन्दर्य तथा आध्यात्मिक विरासत है। यहाँ के नौजवानों, अन्नदाता किसानों और कारीगरों को जब भी प्लेटफॉर्म मिला, तो उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद श्रावस्ती के पास रामायण और महाभारतकालीन तथा बौद्ध व जैन परम्परा की समृद्ध विरासत है। इसके बावजूद इस जनपद का जो अपेक्षित विकास होना चाहिए था, वह नहीं हुआ। यह जनपद 75 वर्षां तक रेलवे लाइन से दूर रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर से खलीलाबाद रेलवे लाइन को स्वीकृति दी। यह कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। अब यहाँ रेलवे कनेक्टिविटी होने जा रही है। यहाँ पर एयरपोर्ट बन गया है। उसका विस्तार हो रहा है। श्रावस्ती को 4-लेन की कनेक्टिविटी से जोड़ने की तैयारी की जा रही हैं। आज श्रावस्ती में विकास के हर बड़े कार्य साकार होते दिखाई दे रहे हैं। इसी क्रम में आज हम सीता द्वार आए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्य आज से 09 वर्ष पहले भी हो सकते थे। देश सन् 1947 में ही आजाद हो गया था। आजादी के बाद से लम्बे समय तक इस क्षेत्र के विकास के लिए कोई कार्य नहीं हुआ, बल्कि यहाँ की धरोहर को नष्ट करते हुए इस क्षेत्र को विकास के दौड़ में पीछे कर दिया गया। श्रावस्ती में रेल, सड़क और एयर की बेहतर कनेक्टिविटी नहीं थी। महाराजा सुहेलदेव की परम्परा को सम्मानित करने की बजाय एक विदेशी आक्रान्ता सालार मसूद गाजी के नाम पर मेला लगाना प्रारम्भ कर दिया गया था। हमारी सरकार ने विदेशी आक्रान्ता के नाम पर होने वाले किसी भी आयोजन पर रोक लगायी। स्वाधीन भारत में विदेशी आक्रान्ताओं का सम्मान नहीं हो सकता। आज जनपद श्रावस्ती की कनेक्टिविटी अच्छी हुई है। जो कार्य आज श्रावस्ती में दिखायी देते हैं, इनके लिए यहाँ के जनप्रतिनिधियों ने प्रयास किये, तब यह सम्भव हो पाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हर जनपद में एक माफिया तथा हर थाने में एक गुण्डे का कब्जा हो जाता था। तहसीलों पर भू-माफिया, लैण्ड माफिया, सैण्ड माफिया, वन माफिया, पशु माफिया का कब्जा हो जाता था। तब गरीब को राशन, स्वास्थ्य, पेंशन, मकान, शौचालय आदि की सुविधा नहीं मिल पाती थी। नौजवानों की नौकरी में सेंध लग जाती थी। अन्नदाता किसानों को योजनाओं से वंचित कर बदहाली पर छोड़ दिया जाता था। कारीगरों को हतोत्साहित किया जाता था। इसका परिणाम हुआ कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य हो गया। श्रावस्ती भी बदहाल हो गया और विकास के पायदान पर पिछड़ गया। देश के सबसे पिछड़े 100 जनपदों में श्रावस्ती भी एक था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 09 वर्षां में श्रावस्ती जनपद ने नई ऊँचाई अर्जित की है। आज हर गरीब के पास सिर ढकने के लिए छत है। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है। हर गरीब के घर में शौचालय तथा आयुष्मान भारत योजना की सुविधा है। जिन्हें आयुष्मान भारत तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 16 करोड़ लोग निःशुल्क राशन की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं। हमने 65 लाख गरीबों को एक-एक आवास उपलब्ध कराया है। 03 करोड़ गरीबों के घर में एक-एक शौचालय बनाया गया है। दो करोड़ परिवारों को रसोई गैस के निःशुल्क कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश के 09 लाख युवाओं को निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरी दी गयी है। पहले भर्तियों में भ्रष्टाचार के कारण श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर तथा गोण्डा जैसे जनपदों के नौजवान भर्ती नहीं हो पाते थे। आज यू0पी0 पुलिस, शिक्षक व आंगनबाड़ी भर्ती तथा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग या उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की किसी भी परीक्षा में श्रावस्ती के नौजवानों को भी नौकरी मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज निवेश केवल एन0सी0आर0 तक ही सीमित नहीं है, बल्कि श्रावस्ती में भी निवेश होता है। आज माफिया नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ उत्तर प्रदेश की पहचान है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ की ओर बढ़ते हुए हम श्रावस्ती भी आ रहे हैं। अब यहाँ मच्छर और माफिया का आतंक नहीं है। श्रावस्ती ‘एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट’ से ‘इंस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट’ बनकर एक नई चमक के साथ देश और दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की पहले दिन से ही अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेन्स की नीति है। जो भी बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएगा, उसके लिए दो ही जगहें होंगी, या तो जेल या जहन्नुम। आज उत्तर प्रदेश में सुरक्षित माहौल में निवेश हो रहा है। नौजवानों को नौकरी मिल रही है। हर जनपद में स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना ने प्रदेश में नई सम्भावनाओं को विकसित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम विकास की मुख्यधारा के साथ जुड़कर एक नए ओज के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह सभी कार्य तब सम्भव हुए हैं, जब आपने अच्छे जनप्रतिनिधि चुने हैं। विकास के पैमाने पर श्रावस्ती भी तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। देश भर में चुने गये 500 आकांक्षी विकास खण्डों में श्रावस्ती का विकास खण्ड विकास के पायदान पर प्रथम स्थान पर आया है। यह श्रावस्ती की आज की नई पहचान है। सरकार बदली, तो श्रावस्ती तेजी के साथ विकास के पायदान पर आगे बढ़ते हुए दिखायी दे रहा है। यही डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हमारे उज्ज्वल भविष्य के लिए विरासत और विकास में समन्वय की आवश्यकता बताते हैं। हम अपनी विरासत को विस्मृत करके उज्ज्वल भविष्य की परिकल्पना नहीं कर सकते। दोनों में समन्वय बनाना ही पड़ेगा। इसी समन्वय की दृष्टि से आज हम श्रावस्ती जनपद में आए हैं। यहाँ अच्छे विकास कार्य हो रहे हैं। हमने यहाँ की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए कार्य प्रारम्भ किये हैं। नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर की दृष्टि से श्रावस्ती, बलरामपुर, गोण्डा को अयोध्या तक 4-लेन से जोड़ने के लिए एक नए कॉरिडोर का विकास हो रहा है। बहराइच से लखनऊ के बीच 7,500 करोड़ रुपये की लागत से एक नये 4-लेन कॉरिडोर का निर्माण स्वीकृत हुआ है। हमारा प्रयास होगा कि उसको बहराइच से श्रावस्ती तक जोड़ें। श्रावस्ती की लखनऊ तथा अयोध्या के लिए 4-लेन की कनेक्टिविटी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विकास ही भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करेगा। आज हर क्षेत्र में लोगों को सुविधाएँ और विकास की योजनाओं के साथ जुड़ने का अवसर मिल रहा है। अब प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। प्रदेश के 08 जनपद आकांक्षी जनपद थे। इनमें से 03 जनपद बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच एक दूसरे से सटे हुए तथा एक ही कमिश्नरी के जनपद थे। आज जनपद बहराइच, गोण्डा और बलरामपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। माँ पाटेश्वरी के नाम पर विश्वविद्यालय का निर्माण भी हो रहा है। स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ नई-नई सम्भावनाएँ आगे बढ़ रही हैं। हाईवे बन रहे हैं, रेलवे लाइन बिछ रही है तथा एयरपोर्ट बन रहा है। नौजवानों के लिए नौकरी और रोजगार की सम्भावनाओं को तेजी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। महिला स्वयंसेवी समूहों के माध्यम से स्वावलम्बन के नए-नए कार्य हो रहे हैं। अन्नदाता किसान खुशहाल हुए हैं। पहले कोई भी यह नहीं सोचता था कि सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना पूरी भी हो पाएगी। वर्ष 1970 की इस परियोजना को हमारी सरकार ने धरातल पर उतारने में सफलता प्राप्त की। इसी प्रकार हर योजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की सामर्थ्य केवल डबल इंजन सरकार में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें जनपद श्रावस्ती को नई ऊँचाई पर आगे बढ़ाना है। हम श्रावस्ती में विकास के नए प्रतिमान स्थापित करेंगे। विकास और विरासत के अभिनव समन्वय को यह जनपद निरन्तरता देते हुए आगे बढ़ेगा।
इस अवसर पर विधायक श्री राम फेरन पाण्डेय, विधान परिषद सदस्य श्री साकेत मिश्रा व श्रीमती प्रज्ञा त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने जनपद श्रावस्ती के विकास की परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास की बधाई देते हुए कहा कि मौसम की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद सभी लोग यहाँ एकत्र हुए हैं। आपका उत्साह अत्यन्त सराहनीय है। श्रावस्ती जनपद अपनी जैव विविधता के लिए विख्यात है। जनपद में प्राकृतिक सौन्दर्य तथा आध्यात्मिक विरासत है। यहाँ के नौजवानों, अन्नदाता किसानों और कारीगरों को जब भी प्लेटफॉर्म मिला, तो उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद श्रावस्ती के पास रामायण और महाभारतकालीन तथा बौद्ध व जैन परम्परा की समृद्ध विरासत है। इसके बावजूद इस जनपद का जो अपेक्षित विकास होना चाहिए था, वह नहीं हुआ। यह जनपद 75 वर्षां तक रेलवे लाइन से दूर रहा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर से खलीलाबाद रेलवे लाइन को स्वीकृति दी। यह कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। अब यहाँ रेलवे कनेक्टिविटी होने जा रही है। यहाँ पर एयरपोर्ट बन गया है। उसका विस्तार हो रहा है। श्रावस्ती को 4-लेन की कनेक्टिविटी से जोड़ने की तैयारी की जा रही हैं। आज श्रावस्ती में विकास के हर बड़े कार्य साकार होते दिखाई दे रहे हैं। इसी क्रम में आज हम सीता द्वार आए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्य आज से 09 वर्ष पहले भी हो सकते थे। देश सन् 1947 में ही आजाद हो गया था। आजादी के बाद से लम्बे समय तक इस क्षेत्र के विकास के लिए कोई कार्य नहीं हुआ, बल्कि यहाँ की धरोहर को नष्ट करते हुए इस क्षेत्र को विकास के दौड़ में पीछे कर दिया गया। श्रावस्ती में रेल, सड़क और एयर की बेहतर कनेक्टिविटी नहीं थी। महाराजा सुहेलदेव की परम्परा को सम्मानित करने की बजाय एक विदेशी आक्रान्ता सालार मसूद गाजी के नाम पर मेला लगाना प्रारम्भ कर दिया गया था। हमारी सरकार ने विदेशी आक्रान्ता के नाम पर होने वाले किसी भी आयोजन पर रोक लगायी। स्वाधीन भारत में विदेशी आक्रान्ताओं का सम्मान नहीं हो सकता। आज जनपद श्रावस्ती की कनेक्टिविटी अच्छी हुई है। जो कार्य आज श्रावस्ती में दिखायी देते हैं, इनके लिए यहाँ के जनप्रतिनिधियों ने प्रयास किये, तब यह सम्भव हो पाए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले हर जनपद में एक माफिया तथा हर थाने में एक गुण्डे का कब्जा हो जाता था। तहसीलों पर भू-माफिया, लैण्ड माफिया, सैण्ड माफिया, वन माफिया, पशु माफिया का कब्जा हो जाता था। तब गरीब को राशन, स्वास्थ्य, पेंशन, मकान, शौचालय आदि की सुविधा नहीं मिल पाती थी। नौजवानों की नौकरी में सेंध लग जाती थी। अन्नदाता किसानों को योजनाओं से वंचित कर बदहाली पर छोड़ दिया जाता था। कारीगरों को हतोत्साहित किया जाता था। इसका परिणाम हुआ कि उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य हो गया। श्रावस्ती भी बदहाल हो गया और विकास के पायदान पर पिछड़ गया। देश के सबसे पिछड़े 100 जनपदों में श्रावस्ती भी एक था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत 09 वर्षां में श्रावस्ती जनपद ने नई ऊँचाई अर्जित की है। आज हर गरीब के पास सिर ढकने के लिए छत है। उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जा रहा है। हर गरीब के घर में शौचालय तथा आयुष्मान भारत योजना की सुविधा है। जिन्हें आयुष्मान भारत तथा मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि दी जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के 16 करोड़ लोग निःशुल्क राशन की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं। हमने 65 लाख गरीबों को एक-एक आवास उपलब्ध कराया है। 03 करोड़ गरीबों के घर में एक-एक शौचालय बनाया गया है। दो करोड़ परिवारों को रसोई गैस के निःशुल्क कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। प्रदेश के 09 लाख युवाओं को निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरी दी गयी है। पहले भर्तियों में भ्रष्टाचार के कारण श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर तथा गोण्डा जैसे जनपदों के नौजवान भर्ती नहीं हो पाते थे। आज यू0पी0 पुलिस, शिक्षक व आंगनबाड़ी भर्ती तथा उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग या उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की किसी भी परीक्षा में श्रावस्ती के नौजवानों को भी नौकरी मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज निवेश केवल एन0सी0आर0 तक ही सीमित नहीं है, बल्कि श्रावस्ती में भी निवेश होता है। आज माफिया नहीं, बल्कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ उत्तर प्रदेश की पहचान है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ की ओर बढ़ते हुए हम श्रावस्ती भी आ रहे हैं। अब यहाँ मच्छर और माफिया का आतंक नहीं है। श्रावस्ती ‘एस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट’ से ‘इंस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट’ बनकर एक नई चमक के साथ देश और दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार की पहले दिन से ही अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेन्स की नीति है। जो भी बेटी और व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाएगा, उसके लिए दो ही जगहें होंगी, या तो जेल या जहन्नुम। आज उत्तर प्रदेश में सुरक्षित माहौल में निवेश हो रहा है। नौजवानों को नौकरी मिल रही है। हर जनपद में स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ योजना ने प्रदेश में नई सम्भावनाओं को विकसित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम विकास की मुख्यधारा के साथ जुड़कर एक नए ओज के साथ आगे बढ़ रहे हैं। यह सभी कार्य तब सम्भव हुए हैं, जब आपने अच्छे जनप्रतिनिधि चुने हैं। विकास के पैमाने पर श्रावस्ती भी तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। देश भर में चुने गये 500 आकांक्षी विकास खण्डों में श्रावस्ती का विकास खण्ड विकास के पायदान पर प्रथम स्थान पर आया है। यह श्रावस्ती की आज की नई पहचान है। सरकार बदली, तो श्रावस्ती तेजी के साथ विकास के पायदान पर आगे बढ़ते हुए दिखायी दे रहा है। यही डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जी हमारे उज्ज्वल भविष्य के लिए विरासत और विकास में समन्वय की आवश्यकता बताते हैं। हम अपनी विरासत को विस्मृत करके उज्ज्वल भविष्य की परिकल्पना नहीं कर सकते। दोनों में समन्वय बनाना ही पड़ेगा। इसी समन्वय की दृष्टि से आज हम श्रावस्ती जनपद में आए हैं। यहाँ अच्छे विकास कार्य हो रहे हैं। हमने यहाँ की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए कार्य प्रारम्भ किये हैं। नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर की दृष्टि से श्रावस्ती, बलरामपुर, गोण्डा को अयोध्या तक 4-लेन से जोड़ने के लिए एक नए कॉरिडोर का विकास हो रहा है। बहराइच से लखनऊ के बीच 7,500 करोड़ रुपये की लागत से एक नये 4-लेन कॉरिडोर का निर्माण स्वीकृत हुआ है। हमारा प्रयास होगा कि उसको बहराइच से श्रावस्ती तक जोड़ें। श्रावस्ती की लखनऊ तथा अयोध्या के लिए 4-लेन की कनेक्टिविटी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विकास ही भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की दिशा तय करेगा। आज हर क्षेत्र में लोगों को सुविधाएँ और विकास की योजनाओं के साथ जुड़ने का अवसर मिल रहा है। अब प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। प्रदेश के 08 जनपद आकांक्षी जनपद थे। इनमें से 03 जनपद बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच एक दूसरे से सटे हुए तथा एक ही कमिश्नरी के जनपद थे। आज जनपद बहराइच, गोण्डा और बलरामपुर में मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। माँ पाटेश्वरी के नाम पर विश्वविद्यालय का निर्माण भी हो रहा है। स्पोर्ट्स कॉलेज के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यहाँ नई-नई सम्भावनाएँ आगे बढ़ रही हैं। हाईवे बन रहे हैं, रेलवे लाइन बिछ रही है तथा एयरपोर्ट बन रहा है। नौजवानों के लिए नौकरी और रोजगार की सम्भावनाओं को तेजी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। महिला स्वयंसेवी समूहों के माध्यम से स्वावलम्बन के नए-नए कार्य हो रहे हैं। अन्नदाता किसान खुशहाल हुए हैं। पहले कोई भी यह नहीं सोचता था कि सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना पूरी भी हो पाएगी। वर्ष 1970 की इस परियोजना को हमारी सरकार ने धरातल पर उतारने में सफलता प्राप्त की। इसी प्रकार हर योजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की सामर्थ्य केवल डबल इंजन सरकार में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें जनपद श्रावस्ती को नई ऊँचाई पर आगे बढ़ाना है। हम श्रावस्ती में विकास के नए प्रतिमान स्थापित करेंगे। विकास और विरासत के अभिनव समन्वय को यह जनपद निरन्तरता देते हुए आगे बढ़ेगा।
इस अवसर पर विधायक श्री राम फेरन पाण्डेय, विधान परिषद सदस्य श्री साकेत मिश्रा व श्रीमती प्रज्ञा त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।




















