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मालविका सूद का कहना है कि बिजली संकट से लोग परेशान हैं, आम आदमी सरकार…

मालविका सूद का कहना है कि बिजली संकट से लोग परेशान हैं, आम आदमी सरकार इसे संभालने में 'विफल' रही है।
उन्होंने कहा: मौजूदा परिस्थितियों में, लोगों की उम्मीदें केवल प्रकृति पर टिकी हैं, आप सरकार को दरकिनार करते हुए।

लोक नायक संवाद/सिटी रिपोर्टर 
मोगा-पिछले कई दिनों से लगातार हो रही लंबी और बिना पूर्व सूचना के बिजली कटौती ने भीषण गर्मी में लोगों का जीवन मुश्किल कर दिया है। एक ओर पारा लगातार चढ़ रहा है तो दूसरी ओर घंटों बिजली कटौती के कारण घरों, बाजारों और खेतों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। बच्चों, बुजुर्गों, बीमारों, व्यापारियों और किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि दिन-रात लगातार बिजली कटौती के कारण न तो उन्हें गर्मी से राहत मिल रही है और न ही उनके दैनिक कार्य सुचारू रूप से चल पा रहे हैं। इसी मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस की निर्वाचन क्षेत्र प्रभारी मालविका सूद ने पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ग्रीष्म ऋतु में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था पहले से ही सुनिश्चित की जानी चाहिए थी, लेकिन सरकार इसमें पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि दिन-रात हो रही लंबी बिजली कटौती के कारण घरेलू और व्यावसायिक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मालविका सूद ने कहा कि बिजली न होने के कारण पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर बंद हो जाते हैं, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। रात में लंबी बिजली कटौती के कारण लोगों की नींद उड़ गई है। इसके साथ ही मच्छरों और मक्खियों की संख्या बढ़ने से डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने पंजाब सरकार के राज्य को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के दावों पर भी सवाल उठाया और कहा कि आज हकीकत लोगों के सामने है। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि के लिए नालों में पानी पहुंचाने के दावे भी विफल साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि धान की फसल बोए हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ है, लेकिन पानी और बिजली की कमी के कारण फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। अगर यही स्थिति बनी रही तो किसानों को धान की खेती करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। सूद ने कहा कि अब लोग और किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें गर्मी से कुछ राहत मिल सके और बिजली कटौती की मांग भी कम हो सके। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में लोगों की उम्मीद सिर्फ प्रकृति पर टिकी है। सफाईकर्मियों की चल रही हड़ताल का जिक्र करते हुए मालविका सूद (कांग्रेस निर्वाचन क्षेत्र मोगा प्रभारी) ने कहा कि एक तरफ बिजली कटौती से लोग परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ सफाईकर्मियों की मांगों को नजरअंदाज किए जाने के कारण शहरों और कस्बों में कूड़े के ढेर लगे हैं, जिससे लोग दुर्गंध और बीमारियों के खतरे का सामना कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से सफाईकर्मियों से तुरंत बातचीत कर हड़ताल खत्म करने की मांग की।

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