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तकनीक के दौर में अंधेरे का अभिशाप, आखिर कब जागेगा बिजली विभाग?

तकनीक के दौर में अंधेरे का अभिशाप, आखिर कब जागेगा बिजली विभाग?
मेंटेनेंस पर करोड़ों का खर्च, फिर भी हर आंधी में ठप हो जाती है बिजली व्यवस्था
लोक नायक संवाद नेटवर्क की विशेष रिपोर्ट
चंडीगढ़-एक ओर देश आधुनिक तकनीक, डिजिटल इंडिया और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर तेज़ी से बढ़ने का दावा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर पंजाब में मामूली आंधी और हल्की बारिश भी बिजली व्यवस्था की वास्तविकता उजागर कर देती है। मौसम बिगड़ने की आशंका होते ही कई क्षेत्रों की बिजली पहले ही काट दी जाती है, जबकि तेज़ हवाओं के बाद घंटों और कई बार पूरे दिन तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब हर वर्ष बिजली व्यवस्था के रखरखाव (मेंटेनेंस) पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, तब भी थोड़ी-सी प्राकृतिक चुनौती पूरी व्यवस्था को क्यों झुका देती है? यदि नियमित रखरखाव सही ढंग से हो रहा है, तो हर मौसम में वही समस्याएं दोबारा क्यों सामने आती हैं?
गर्मियों के दौरान ट्रांसफार्मर जलने, ओवरलोडिंग और पुराने ढांचे का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचना आम बात बन चुकी है। जबकि उपभोक्ता नया कनेक्शन या अतिरिक्त लोड लेने के समय पूरी फीस जमा करता है। ऐसे में विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि वह समय रहते ट्रांसफार्मर, तारों और पूरे नेटवर्क को आधुनिक बनाए, न कि हर बार जनता पर बढ़ते लोड का ठीकरा फोड़े।
स्थिति तब और गंभीर हो जाती है जब बिजली गुल होने के बाद उपभोक्ता सहायता के लिए अधिकारियों या हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहता है। अनेक लोगों की शिकायत रहती है कि फोन नहीं उठते, शिकायत नंबर नहीं मिलता और समस्या के समाधान में घंटों लग जाते हैं। डिजिटल युग में भी यदि उपभोक्ता अपनी शिकायत की स्थिति नहीं जान सकता, तो आधुनिक व्यवस्था के दावों का क्या अर्थ रह जाता है?
मैदानी कर्मचारियों को भी कई स्थानों पर आवश्यक उपकरणों के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि उन्हें पर्याप्त संसाधन और आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, तो बिजली बहाली का समय काफी कम किया जा सकता है।
अब समय आ गया है कि बिजली विभाग केवल दावे करने के बजाय परिणाम भी दिखाए। जनता को बहानों की नहीं, भरोसेमंद बिजली व्यवस्था, पारदर्शी डिजिटल शिकायत प्रणाली, समयबद्ध समाधान और जवाबदेह प्रशासन चाहिए। आखिर टैक्स और बिजली बिल भरने वाली जनता का अधिकार है कि उसे हर मौसम में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति मिले।

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